Skip to main content
आज़ादी स्पेशल: आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की... Vnita Kasnia Punjab देश प्रेम और देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जज़्बा हर नागरिक में होता है। हिंदी सिनेमा ने भी इस मोहब्बत और जज़्बे को बख़ूबी अभिव्यक्त किया है। आज भी देशभक्ति के कई ऐसे गाने हैं जो लोकप्रिय हैं। बदलते वक़्त के साथ इनकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा ही हुआ है। कुछ ऐसे बेशक़ीमती गीत हैं जो हर नागरिक को वतन के प्रति अपनी मोहब्बत का इज़हार करने के लिए अल्फ़ाज़ देते हैं। आज़ादी स्पेशल में पेश है लोकप्रिय देशभक्ति गीत - 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की...।' विज्ञापन 1954 में आई डायरेक्टर सत्यन बोस की फ़िल्म 'जागृति' में कई बेहतरीन गीत हैं। 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की' यह गीत बच्चों को स्वतंत्रता का मूल्य समझता है। इस गीत को लिखा और गाया है कवि प्रदीप ने। संगीत से सजाया है हेमंत कुमार ने। आज़ादी के 7 साल बाद बच्चों को केंद्र में रखकर बनाई गई यह फ़िल्म बच्चों को सकारात्मक भविष्य की दिशा दिखाने की कोशिश करती है। गीत के बोल हैं - आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है जमुना जी के तट को देखो गंगा का ये घाट है बाट-बाट में हाट-हाट में यहाँ निराला ठाठ है देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती हैं बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम ये हैं अपना राजपूताना नाज़ इसे तलवारों पे इसने सारा जीवन काटा बरछी तीर कटारों पे ये प्रताप का वतन पला है आज़ादी के नारों पे कूद पड़ी थी यहाँ हज़ारों पद्मिनियाँ अंगारों पे बोल रही है कण कण से क़ुर्बानी राजस्थान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम देखो मुल्क मराठों का यह यहां शिवाजी डोला था मुग़लों की ताकत को जिसने तलवारों पे तोला था हर पर्वत पे आग जली थी हर पत्थर एक शोला था बोली हर-हर महादेव की बच्चा-बच्चा बोला था शेर शिवाजी ने रखी थी लाज हमारी शान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम जलियाँवाला बाग ये देखो यहीं चली थी गोलियां ये मत पूछो किसने खेली यहाँ खून की होलियां एक तरफ़ बंदूकें दन दन एक तरफ़ थी टोलियां मरनेवाले बोल रहे थे इंक़लाब की बोलियां यहां लगा दी बहनों ने भी बाजी अपनी जान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम ये देखो बंगाल यहां का हर चप्पा हरियाला है यहां का बच्चा-बच्चा अपने देश पे मरनेवाला है ढाला है इसको बिजली ने भूचालों ने पाला है मुट्ठी में तूफ़ान बंधा है और प्राण में ज्वाला है जन्मभूमि है यही हमारे वीर सुभाष महान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम, वंदे मातरम
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment